#उपलब्धि
February 3, 2026
हिमाचल का सितारा नेपाल में चमका, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जीते तीन मेडल; बढ़ाया देश का मान
संयुक्त भारत खेल फाउंडेशन में दिखाई शानदार प्रतिभा
शेयर करें:

शिमला। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अच्छा प्रदर्शन करना आसान नहीं होता, लेकिन जहां मेहनत और जुनून साथ हों, वहीं असली सितारे चमकते हैं।। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के जाबाज खिलाड़ी सुमित कनैन ने यह साबित कर दिया कि समर्पण और मेहनत से किसी भी क्षेत्र में नाम रोशन किया जा सकता है।
बता दें कि नेपाल में आयोजित 'संयुक्त भारत खेल फाउंडेशन' की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में सुमित ने अपनी खेलों की जबरदस्त प्रतिभा दिखा कर सबको प्रभावित कर दिया और ये साबित कर दिया कि वह मैदान में किसी से कम नहीं हैं। उनका इस कामयाबी से परिवार में खुशी का माहौल है।
पवन कुमार के बेटे सुमित को बचपन से ही खेलों में गहरी रुचि रही है। गांव के लोग बताते हैं कि छोटे संसाधनों और साधनों के बावजूद सुमित ने कभी हार नहीं मानी। वह हर दिन सुबह से शाम तक अभ्यास में जुटा रहता और अपनी फिटनेस और गति पर लगातार काम करता।
उनके अनुशासन, मेहनत और निरंतर अभ्यास ने ही उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। सुमित ने यह साबित किया कि केवल लगन और मेहनत से ही कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है। नेपाल में हुए इस प्रतियोगिता में सुमित ने हर मुकाबले में अपनी ताकत और धैर्य का परिचय दिया।
उन्होंने 800 मीटर दौड़ और 3 किलोमीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इसके अलावा, 5 किलोमीटर दौड़ में उन्होंने रजत पदक जीतकर यह दिखा दिया कि लंबी दूरी की दौड़ में भी उनकी मेहनत रंग ला रही है।
सुमित की इस ऐतिहासिक जीत से उनके परिवार में खुशी की लहर है। गांव के लोग उनके सम्मान में समारोह भी आयोजित कर रहे हैं और हर कोई उन्हें बधाई दे रहा है। क्षेत्र के लोग मानते हैं कि सुमित की यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे ननखड़ी क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उनके जैसे युवा यह दिखा रहे हैं कि यदि मन में जुनून और मेहनत हो, तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं।
सुमित की सफलता का संदेश साफ है कि, खेल और पढ़ाई दोनों में संतुलन बनाए रखना, मेहनत और अनुशासन के साथ अभ्यास करना और कभी हार न मानना ही सफलता की कुंजी है। क्षेत्र के अन्य युवा अब सुमित की तरह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
800 मीटर दौड़: स्वर्ण पदक
3 किलोमीटर दौड़: स्वर्ण पदक
5 किलोमीटर दौड़: रजत पदक