मंडी। हिमाचल के कई युवा अपनी काबिलियत के दम पर आज बड़े बड़े पद हासिल कर चुके हैं। आज ऐसा कोई क्षेत्र नहीं है, जहां पर हिमाचल के युवाओं ने अपनी काबिलियत का लोहा ना मनवाया हो। ऐसे ही एक युवा हिमाचल प्रदेश के मंडी जिला के हैं। मंडी जिला के सुनील कुमार कृषि वैज्ञानिक बन गए हैं। उनकी नियुक्ति नागालैंड में हुई है।
मंडी जिला के सुनील कुमार बने कृषि वैज्ञानिक
दरअसल मंडी जिला के धर्मपुर क्षेत्र के चाह्ह गांव के रहने वाले सुनील कुमार भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) नगालैंड में बतौर कृषि वैज्ञानिक नियुक्त हुए हैं। उन्होंने ऑल इंडिया में 25वां रैंक हासिल कर यह मुकाम पाया है।
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सुनील कुमार की इस उपलब्धि से उसके परिजनों में खुशी का माहौल है। वहीं ग्रामीणों ने भी गांव के बेटे की इस कामयाबी पर अपनी खुशी जाहिर की है।
पीएचडी कर चुके हैं सुनील कुमार
सुनील कुमार की शिक्षा की बात करें तो उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पहली से 12वीं तक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बाल स्कूल हमीरपुर से पूरी की है।
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उसके बाद उन्होंने बीएससी एग्रीकल्चर की पढ़ाई झांसी से की। जबकि एग्रीकल्चर में एमएससी बेंगलुरु से की है। यही नहीं सुनील कुमार ने अपनी पीएचडी दिल्ली से की है।
शिमला में कृषि विकास अधिकारी के रूप में दे रहे थे सेवाएं
पीएचडी करने के बाद उनकी तैनाती कृषि विकास अधिकारी के पद पर शिमला में हुई थी। लेकिन अब ऑल इंडिया स्तर की परीक्षा को पास कर सुनील कुमार कृषि वैज्ञानिक बन गए हैं और उनकी नियुक्ति नागालैंड में बतौर कृषि वैज्ञानिक हुई है। सुनील कुमार के पिता मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कार्यालय में बतौर आदेश वाहक सेवाएं दे रहे हैं।
बेटे की उपलब्धि पर माता पिता में खुशी
सुनील की इस उपलब्धि से उसके पिता बेहद खुश हैं। उन्होंने बताया कि सुनील शुरू से ही पढ़ने में काफी होशियार था। वहीं सुनील कुमार ने अपनी सफलता का श्रेय अपने शिक्षकों के अलावा माता पिता को दिया है।
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सुनील कुमार ने युवाओं से भी अपील की है कि वह नशा छोड़ कर एक मंजिल तय करें और उसे हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करें।