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December 18, 2024

हिमाचल : कलम से बिखेरा जादू, अब बड़े सम्मान से नवाजे जाएंगे डॉ. स्नेही

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शिमला। हिमाचल प्रदेश के तीन प्रमुख हिंदी रचनाकारों को उनके उत्कृष्ट साहित्य सृजन के लिए हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच द्वारा वर्ष 2024 के साहित्य सम्मानों से सम्मानित किया जाएगा। हिंदी आलोचना के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए वरिष्ठ लेखक और आलोचक डॉ. हेमराज कौशिक को जीवन उपलब्धि सम्मान से नवाजा जाएगा, जबकि कविता और आलोचना के क्षेत्र में निरंतर सृजन करने के लिए डॉ. सत्यनारायण स्नेही और जगदीश बाली को हिमालय साहित्य सृजन सम्मान प्रदान किया जाएगा।

डॉ. सत्यनारायण स्नेही का योगदान

बताते चलें कि डॉ. सत्यनारायण स्नेही ने पिछले 25 वर्षों से साहित्य की विभिन्न विधाओं में सक्रिय रूप से योगदान दिया है। वे मूलतः ठियोग के धरेच गांव से हैं और उनकी साहित्यिक यात्रा कई अहम पुस्तकों और शोध पत्रों से सजी हुई है। डॉ. स्नेही की आठ किताबों में सबसे चर्चित 'इंटरनेट पर मेरा गांव' कविता संग्रह रही है। यह भी पढ़ें : हिमाचल: ड्राइवर की बेटी का कमाल- नहीं आती थी इंग्लिश, अब जर्मनी में बजाएगी डंका इसके अलावा, 'तकनीकी युग में भाषा और साहित्य' नामक उनकी आलोचना पुस्तक ने शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है। यह पुस्तक समग्र शिक्षा अभियान के तहत हिमाचलके हर सेकेंड्री स्कूल के पुस्तकालय में पहुंची है। डॉ. स्नेही की लेखनी 50 से अधिक शोध पत्रों और 300 से ज्यादा आलेखों के रूप में प्रकाशित हो चुकी है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सक्रिय भागीदारी

वहीं, डॉ. स्नेही ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठियों में भी भाग लिया है, जहां उन्होंने व्याख्यान, पत्रवाचन और कविता पाठ के जरिए अपनी सृजनात्मकता का परिचय दिया है। उन्हें हाल ही में प्रदेश सरकार द्वारा गठित हिमाचल भाषा, कला और संस्कृति अकादमी के कार्यकारी परिषद का सदस्य भी मनोनित किया गया है। वर्तमान में वे राजकीय महाविद्यालय ठियोग के हिंदी विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। यह भी पढ़ें : हिमाचल : महिला डॉक्टर का लालच मरीज को ले डूबा- होगी अरेस्ट!

आलोचक और कवि के रूप में डॉ. स्नेही का योगदान

बता दें कि साहित्य के प्रति डॉ. स्नेही का समर्पण और उनकी निरंतर सृजनशीलता उन्हें एक प्रतिष्ठित आलोचक और कवि के रूप में स्थापित करती है। उनकी लेखनी ने न केवल साहित्यिक समाज में पहचान बनाई, बल्कि वे हिंदी साहित्य के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हिमालय साहित्य मंच द्वारा उन्हें यह सम्मान उनके निरंतर प्रयासों और योगदान को मान्यता देने के रूप में दिया जा रहा है। यह भी पढ़ें : विधानसभा विंटर सेशन- आज होगी सुक्खू सरकार की परीक्षा, विपक्ष का पहला ही सवाल OPS पर हिमालय साहित्य संस्कृति एवं पर्यावरण मंच के अध्यक्ष एसआर हरनोट ने इस सम्मान की घोषणा करते हुए कहा कि डॉ. स्नेही एक उत्कृष्ट युवा आलोचक और कवि हैं, जिन्होंने अपनी लेखनी से साहित्य जगत में एक महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया है।

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