#हादसा
September 21, 2026
हिमाचल : सुबह-सवेरे उजड़ा परिवार, पब्बर नदी में गिरा बुजुर्ग- मौके पर तोड़ा दम
हाद.से के बाद पूरे इलाके में माहौल गमगीन बना हुआ है
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शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से एक दुखद मामला सामने आया है। रोहड़ू क्षेत्र के धमवाड़ी में सोमवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने इलाके को गमगीन कर दिया। यहां एक बुजुर्ग व्यक्ति अचानक पब्बर नदी में जा गिरे, जिससे उनकी मौत हो गई।
मृतक की पहचान बालपुर के रूप में बताई जा रही है। उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक थी। बताया जा रहा है कि वह लोक निर्माण विभाग में सेवाएं दे चुके थे। बुजुर्ग की मौत के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार सुबह वह धमवाड़ी के पास थे। इसी दौरान किसी कारणवश उनका संतुलन बिगड़ा और वह पब्बर नदी में गिर गए। घटना का पता चलते ही आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग तुरंत घटनास्थल की ओर पहुंचे और हादसे की जानकारी पुलिस तथा संबंधित अधिकारियों को दी गई। इसके बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई।
हादसे की खबर जैसे ही क्षेत्र में फैली, मृतक के परिचितों और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के लिए यह घटना बेहद पीड़ादायक बताई जा रही है। स्थानीय लोगों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना जताई है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने पब्बर नदी के किनारे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जाहिर की है। लोगों का कहना है कि नदी के आसपास कई स्थान ऐसे हैं जहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि नदी का चैनलाइजेशन होने से किनारों की स्थिति बेहतर हो सकती है और ऐसे हादसों का खतरा कम किया जा सकता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक पब्बर नदी के चैनलाइजेशन के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की परियोजना का शिलान्यास पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में किया गया था। लोगों का आरोप है कि शिलान्यास होने के बावजूद परियोजना का जमीनी काम अब तक आगे नहीं बढ़ पाया है। उनका कहना है कि इतने वर्षों बाद भी परियोजना का काम शुरू नहीं होने से नदी किनारे रहने वाले लोगों और आने-जाने वालों के लिए जोखिम बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सरकार से पब्बर नदी के चैनलाइजेशन से जुड़ी परियोजना को जल्द जमीन पर उतारने की मांग की है। उनका कहना है कि सिर्फ योजनाओं की घोषणा या शिलान्यास से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा के ठोस इंतजाम जरूरी हैं।
धमवाड़ी में हुए इस हादसे ने एक बार फिर नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था और चैनलाइजेशन के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। लोगों का कहना है कि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जाएं- ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह के दुख का सामना न करना पड़े।