#हादसा
August 7, 2025
हिमाचल : बीच सड़क लाइट बंद कर खड़ा था ट्रक- स्कूटी की हुई टक्कर, फौजी के निकले प्राण
ड्यूटी से स्कूटी पर घर जा रहा था फौजी
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सिरमौर। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां पर पांवटा साहिब उपमंडल में दर्दनाक हादसा पेश आया है। इस हादसे में एक रिटायर्ड फौजी की मौत हो गई है। इस हादसे के बाद पूरे गांव में माहौल गमगीन बना हुआ है।
मृतक की पहचान ऋषिपाल धीमान (निवासी: जोगीबन बोहलियों) के रूप में हुई है, जो भारतीय सेना की 7 जैक राइफल से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्तमान में वो टाटा मिनरल वाटर कंपनी में सिक्योरिटी अफसर के पद पर कार्यरत थे।
घटना बुधवार देर रात उस वक्त हुई जब ऋषिपाल धीमान कंपनी में अपनी रात्रि ड्यूटी खत्म करने के बाद स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वे कोलर क्षेत्र के पास पहुंचे, अचानक उनकी स्कूटी एक हरियाणा नंबर HR65A-7637 के खड़े ट्रक से टकरा गई।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि स्कूटी ट्रक के नीचे जा घुसी और ऋषिपाल गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल ऋषिपाल को तत्काल अपनी कार से मेडिकल कॉलेज नाहन पहुंचाया। मगर अफसोस, डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद घायल ऋषिपाल धीमान ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, हादसे के वक्त ट्रक सड़क के बिल्कुल बीचोंबीच खड़ा था और उसमें बजरी लदी हुई थी। ट्रक चालक और उसका सहायक पाइप लाइन की मरम्मत कर रहे थे, लेकिन उन्होंने न तो इंडिकेटर जलाया था, न ही कोई चेतावनी लाइट लगाई थी। अंधेरे में खड़े ट्रक की मौजूदगी का ऋषिपाल को अंदाजा नहीं लग पाया और यह जानलेवा टक्कर हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि हादसे के बाद जब चालक से लाइट या इंडिकेटर न लगाने के बारे में सवाल किया गया, तो वह आनन-फानन में लाइट जलाने की कोशिश करने लगा, लेकिन लोगों ने उसे ऐसा करने से रोक दिया, क्योंकि हादसा हो चुका था और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका थी।
माजरा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंच कर दुर्घटना की पुष्टि की है। ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले की विधिवत जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की गहराई से जांच कर रही है, साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि क्या ट्रक को सड़क पर खड़ा करने में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की गई।
ऋषिपाल धीमान की असमय और दुर्भाग्यपूर्ण मृत्यु से गांव जोगीबन बोहलियों में शोक की लहर है। वे अपने पीछे पत्नी, बच्चे और परिजनों को छोड़ गए हैं। गांव के लोगों ने उन्हें एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और मिलनसार व्यक्ति के रूप में याद किया, जिन्होंने देश की सेवा के बाद भी समाज में अपनी जिम्मेदार भूमिका निभाई।