शिमला। हिमाचल का हर हादसा अपने पीछे एक कहानी को छोड़ जाता है। आज सुबह सवेरे शिमला के जुब्बल में पेश आया HRTC बस हादसा भी हिमाचल वासियों को कुछ ऐसे ही जख्म दे गया है। जुब्बल के तहत आते चौरी कैंच में पेश आए इस हादसे में HRTC बस के ड्राइवर और कंडक्टर सहित कुल चार लोगों की मौत हुई है।
तीन बच्चों और पत्नी को पीछे छोड़ गया ड्राइवर
जान गंवाने वालों में शामिल HRTC बस के ड्राइवर कर्म दास के परिवार पर तो दुखों का पहाड़ टूट गया है। कर्म दास की पत्नी का रो रोकर हाल बेहाल हो रखा है। कर्मदास अपनी पत्नी के अलावा दो बेटियों और एक बेटे को भी पीछे छोड़ गए हैं। इन तीन बच्चों के पालन पोषण की जिम्मेदारी अब उनकी पत्नी के कंधे पर आ गई है।
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बिलासपुर का था कंडक्टर- पत्नी सदमे में।
वहीं, बस हादसे में जान गंवाने वाले कंडक्टर राकेश पुत्र शिव राम, जो कि बिलासपुर जिला के रहने वाले थे। उनके घर पर भी मातम का माहौल पसरा हुआ है। कंडक्टर राकेश के पीछे उनकी पत्नी रह गई हैं। इसके अलावा धांसर गांव की रहने वाली बिरमा देवी ने भी 62 वर्ष की उम्र में दम तोड़ दिया है। जबकि एक अन्य मृतक नेपाल का रहने वाला है, जिसका नाम धनशाह बताया गया है।
यहां पढ़ें कैसे हुआ हादसा
आपको बता दें कि हादसे के वक्त बस में ड्राइवर-कंडक्टर को मिलकर कुल 7 लोग सवार थे। आज सुबह 7 बजे के करीब रोहड़ू डिपो की यह बस जुब्बल स्थित कुडू से गिल्टाड़ी जाने को निकली थी। बस को सफ़र पर निकले अभी 10 मिनट का समय भी नहीं गुजरा था कि कुडू से करीब तीन किलोमीटर आगे चौरी कैंच में ड्राइवर के हाथ से बस का नियंत्रण छूट गया।
इसके बाद बस सड़क से लुढ़ककर ढांक से होते हुए करीब 100 मीटर नीचे दूसरी सड़क पर जा गिरी और नीचे खाई में गिरने से बच गई। अन्यथा मरने वालों का आंकड़ा और भी अधिक हो सकता था। बताया जा रहा है कि इस रूट से लौटते समय बस में 40 से 50 यात्री आते हैं। गनीमत ये रही कि बस गंतव्य को जा रही थी, ना कि वहां से लौट रही थी।
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घायल हुए लोगों के नाम
- जयेंद्र सिंह रांगटा (63)
- दीपिका (25) पुत्री संजय ठाकुर निवासी गिल्टाड़ी
- हस्त बहादुर
हादसे के बाद पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर राहत बचाव अभियान शुरू कर दिया है। मृतकों के शव को पोस्टमार्टम करवाने के लिए रोहड़ू ले जाया गया है और घायलों का इलाज भी रोहड़ू अस्पताल में हो रहा है। घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें आगामी इलाज के लिए IGMC भी ले जाया जा सकता है।