#हादसा
June 2, 2025
हिमाचल : पत्नी और बेटी के साथ घूमने आया था शख्स- हाइट पर आई सांस लेने में दिक्कत, नहीं बच पाया
हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से टूरिस्ट की मौत
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कुल्लू। हिमाचल प्रदेश के लाहौल स्पीति जिले में मनाली-लेह नेशनल हाईवे पर एक पर्यटक की हाई एल्टीट्यूड सिकनेस से मौत हो गई। यह घटना रविवार को हुई, जब पटियाला (पंजाब) के रहने वाले 54 वर्षीय वरिंदरजीत पंधेर की तबीयत दारचा में अचानक बिगड़ गई।
वह अपनी पत्नी और बेटी के साथ लेह से लौट रहे थे और हिमाचल की यात्रा पर थे। स्पीति पुलिस के अनुसार, वरिंदरजीत पंधेर को दारचा में प्राथमिक उपचार देने के बाद केलांग के लिए रेफर किया गया था, लेकिन केलांग पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर परिजनों को सौंप दिया है।
दारचा से आगे ऑक्सीजन की भारी कमी
दारचा समुद्र तल से 11,023 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इस ऊंचाई पर अक्सर ऑक्सीजन की मात्रा सामान्य से काफी कम हो जाती है, जिससे सांस लेने में तकलीफ होने लगती है। विशेषज्ञों के अनुसार, खासकर दारचा से आगे ग्राम्फू से लेकर लोसर तक के इलाके में ऑक्सीजन का स्तर और भी कम हो जाता है। इस रूट पर बर्फ अभी भी जमी हुई है, जिससे परिस्थितियां और कठिन हो जाती हैं।
पर्यटकों को दी गई चेतावनी
लाहौल स्पीति जिला प्रशासन ने विशेष रूप से सांस की तकलीफ से जूझ रहे लोगों को दारचा से आगे यात्रा करने से परहेज करने की सलाह दी है। प्रशासन ने सभी टूरिस्टों को ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट एड किट और पर्याप्त पानी साथ रखने को कहा है। रेगुलर पानी पीने से हाई एल्टीट्यूड सिकनेस की संभावना कम हो सकती है।
नेटवर्क की कमी से राहत पहुंचाना भी मुश्किल
दारचा से आगे ग्राम्फू और लोसर के बीच मोबाइल नेटवर्क की भी भारी कमी रहती है। इससे किसी आपात स्थिति में मदद पहुंचाना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसी परिस्थिति में स्थानीय प्रशासन ने पर्यटन को लेकर सतर्कता बरतने और आवश्यक चिकित्सा व संचार साधनों से लैस होकर ही यात्रा करने की अपील की है।