#हादसा
June 8, 2025
हिमाचल: लैंडिंग करते पैराग्लाइडर की चपेट में आया पशु, मची अफरा-तफरी
पैराग्लाइडर और बेसहारा पशु की टक्कर से बाल.बाल बची जान
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कांगड़ा। हिमाचल के कांगड़ा जिला में पैराग्लाइडिंग साइट पर लैडिंग करते हुए एक बेसहारा पशु पैराग्लाइडर की चपेट में आ गया। जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। यह घटना कांगड़ा जिला के बैजनाथ के क्योर क्षेत्र में उस समय हुई जब एक पैराग्लाइडर लैंडिंग के दौरान एक बेसहारा पशु से टकरा गया। जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई।
बताया जा रहा है कि पैराग्लाइडिंग कर रहे एक पायलट की लैंडिंग प्रक्रिया के बीच अचानक एक पशु लैंडिंग ज़ोन में आ गया और टकराव से स्थिति तनावपूर्ण हो गई। हालांकि, पायलट की सतर्कता और अनुभव के चलते बड़ा हादसा टल गया। उसने तुरंत हार्नेस खोलकर खुद को सुरक्षित तरीके से अलग कर लिया।
घटना के बाद वह जानवर पैराग्लाइडर में उलझकर बेकाबू हो गया और लैंडिंग साइट पर इधर.उधर दौड़ने लगा, जिससे वहां मौजूद पर्यटक दहशत में आकर इधर.उधर भागने लगे। चूंकि छुट्टी का दिन होने के कारण वहां बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग मौजूद थे, इस कारण अफरा.तफरी का माहौल बन गया।
घटना में बिलिंग एडवैंचर पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन का पैराग्लाइडर क्षतिग्रस्त हो गया। एसोसिएशन के अध्यक्ष राज कुमार अबरोल ने प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन फ्लाइंग परमिट के नाम पर प्रति उड़ान शुल्क तो वसूलता है, लेकिन लैंडिंग क्षेत्र की सुरक्षा पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
उन्होंने बताया कि यह पहला मौका नहीं है जब बेसहारा पशु लैंडिंग साइट पर घूमते देखे गए हों। यह स्थिति हर समय हादसे को न्योता देती है। अबरोल ने प्रशासन से अपील की कि लैंडिंग साइट पर निगरानी के लिए स्थायी कर्मचारी तैनात किए जाएं और बेसहारा पशुओं को हटाने के लिए तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की जाए।
स्थानीय पर्यटन व्यवसायियों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं पैराग्लाइडिंग पर्यटन की छवि को नुकसान पहुंचा सकती हैं। ऐसे में जरूरी है कि सुरक्षा प्रबंधों को प्राथमिकता दी जाए ताकि पर्यटक निश्चिंत होकर रोमांच का आनंद ले सकें।