#हादसा
October 22, 2026
CM सुक्खू के कार्यक्रम से पहले अनहोनी, युवा कांग्रेस नेता चंद्रमणी की मौ*त- भरमौर से टिकट के थे दावेदार
माता-पिता की इकलौती संतान थे चंद्रमणि, चार साल पहले ही हुई थी शादी
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले की भरमौर विधानसभा क्षेत्र की होली घाटी में एक दर्दनाक हादसे ने राजनीतिक कार्यक्रम की तैयारियों के बीच मातम पसरा दिया। हिमाचल युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष चंद्रमणी कुलेठी की बिजली का करंट लगने से मौत हो गई।
वह मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के प्रस्तावित होली घाटी दौरे को लेकर तैयारियों में जुटे हुए थे। देर रात तक कार्यक्रम की व्यवस्था संभालते समय हुए इस हादसे ने उनके परिवार, साथियों और क्षेत्र के लोगों को गहरे सदमे में डाल दिया है।
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जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर होली घाटी में तैयारियां चल रही थीं। इसी सिलसिले में चंद्रमणी कुलेठी अपने युवा कांग्रेस के साथियों के साथ पोस्टर, बैनर और झंडे लगाने में जुटे थे। बताया जा रहा है कि रात करीब 12 बजे जब वह यह काम कर रहे थे, तभी वह बिजली की तारों की चपेट में आ गए।

करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने चंद्रमणी कुलेठी के निधन पर दुख व्यक्त किया है। एक युवा राजनीतिक कार्यकर्ता की इस तरह असमय मौत से कांग्रेस और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भी शोक है।

चंद्रमणी कुलेठी के निधन से उनका परिवार गहरे दुख में डूब गया है। वह अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। ऐसे में परिवार के लिए यह क्षति बेहद असहनीय है। दुख इस बात से भी बढ़ गया है कि उनके पिता का हाल ही में ऑपरेशन हुआ है। परिवार अभी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से उबर ही रहा था कि उस पर यह दुखद घटना टूट पड़ी।
चंद्रमणी अपने पीछे माता-पिता, पत्नी और दो साल के बेटे को छोड़ गए हैं। जिस बच्चे को अभी पिता के स्नेह और संरक्षण की सबसे अधिक जरूरत थी, उसके सिर से पिता का साया उठ गया है। वहीं, बेटे के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों को लेकर परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद से परिचितों और स्थानीय लोगों में शोक का माहौल है।
चंद्रमणी कुलेठी युवा कांग्रेस में सक्रिय भूमिका निभा रहे थे। उन्हें पूर्व मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी और लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह का करीबी माना जाता था। संगठन में उनकी सक्रियता के चलते इस बार भरमौर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस टिकट के संभावित दावेदारों में भी उनका नाम चर्चा में था।
मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों में उनकी भागीदारी भी संगठन के प्रति उनकी सक्रियता को दर्शाती है। लेकिन कार्यक्रम की व्यवस्था में जुटे रहने के दौरान हुआ हादसा उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन गया। राजनीतिक क्षेत्र में आगे बढ़ने की संभावनाओं के बीच उनका असमय जाना परिवार के साथ-साथ उनके समर्थकों और सहयोगियों के लिए भी बड़ा आघात है।
चंद्रमणी कुलेठी की शादी करीब चार साल पहले हुई थी। उनके परिवार में पत्नी और दो साल का बेटा है। कम उम्र में परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रहे चंद्रमणी की अचानक मौत ने परिजनों को ऐसी परिस्थिति में ला खड़ा किया है, जिसकी कल्पना भी उन्होंने नहीं की होगी। माता-पिता के लिए इकलौते बेटे को खोने का दुख असहनीय है, जबकि पत्नी के सामने अब छोटे बच्चे की परवरिश की बड़ी जिम्मेदारी है।
चंद्रमणी कुलेठी हाल ही में जयपुर में आयोजित इंडिया गठबंधन के प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे। यह प्रदर्शन एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग से जुड़ा था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की लाठियों से उनकी पीठ पर काफी चोटें आई थीं। राजनीतिक गतिविधियों में लगातार सक्रिय रहने वाले कुलेठी कुछ समय बाद ही एक अन्य दुखद घटना का शिकार हो गए।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। अब हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चंद्रमणी कुलेठी बिजली की तारों की चपेट में किस तरह आए और दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई। जांच पूरी होने के बाद ही हादसे के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के लिए चल रही तैयारियों के बीच हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र को गमगीन कर दिया है। एक ओर राजनीतिक कार्यक्रम की तैयारियां थीं, तो दूसरी ओर अचानक आई इस दुखद खबर ने परिवार और साथियों को गहरे शोक में डाल दिया। चंद्रमणी कुलेठी का असमय निधन उनके परिजनों के लिए ऐसी कमी छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।