#हादसा
November 29, 2025
हिमाचल में भालू का कहर- मवेशी चरा रही महिला को दबोचा, बुजुर्ग और बकरियां भी नहीं बख्शी
महिला की मौत, बुजुर्ग घायल- एक ही दिन दो हमले
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चंबा। हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा में भालुओं का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को हुई दो अलग-अलग घटनाओं ने स्थानीय लोगों में दहशत पैदा कर दी है। एक मामले में 57 वर्षीय महिला की मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में 70 वर्षीय बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गया है। दोनों घटनाएं ग्रामीण क्षेत्रों में तब हुईं जब लोग अपने मवेशी चराने जंगल की ओर गए थे।
पहली घटना उपमंडल भरमौर की खनी पंचायत के दुग बनाड़ क्षेत्र में हुई। सत्या देवी (57) पत्नी मेघ सिंह रोज की तरह दो अन्य महिलाओं के साथ मवेशी चराने अपनी मिल्कियत भूमि की ओर गई थीं। इसी दौरान अचानक एक भालू ने उन पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भालू ने पहले महिला के सिर और चेहरे को नोचा और फिर अपने पंजों से लगभग 50 मीटर तक घसीटते हुए गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले में सत्या देवी के शरीर पर गहरे घाव बने और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
साथ गई महिलाओं के शोर मचाने पर ग्रामीण इकट्ठा हुए, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। घटना की सूचना उपप्रधान सुनील कुमार को दी गई, जिसके बाद पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर भरमौर नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
दूसरी घटना भी शुक्रवार को ही घटी। भगतो (70), निवासी गांव थल्ला, डाकघर रजेरा, अपनी बकरियों को चराने जंगल की तरफ गए थे। इसी दौरान एक मादा भालू अपने तीन बच्चों के साथ झुंड पर टूट पड़ी। बकरियों को बचाने की कोशिश में भगतो आगे बढ़े तो भालू ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें गंभीर रूप से लहुलूहान कर दिया।
उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बड़ी मुश्किल से उन्हें भालू के चंगुल से छुड़ाया। हमले में तीन बकरियों की मौत हो गई, जबकि दो बकरियां घायल हुई हैं। परिजनों ने घायल भगतो को तुरंत मैडीकल कॉलेज चम्बा पहुंचाया, जहां उनका उपचार जारी है।
दोनों घटनाओं के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में भालुओं की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में जंगली जानवरों की गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिसकी वजह से खेतों और जंगलों में जाना खतरनाक होता जा रहा है। वन विभाग ने दोनों घटनाओं की पुष्टि की है और प्रभावित क्षेत्रों में टीम तैनात की है।