#हादसा
April 14, 2026
हिमाचल: गहरी खाई में गिरी कार, दो की मौ*त; चंद मिनट पहले उतरे थे 4 लोग... पार्क करते हुआ हा.दसा
चंडीगढ़ से शिमला बच्चों से मिलने आए थे लोग, गहरी खाई में समाई कार
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल की राजधानी शिमला में एक ऐसा हादसा पेश आया, जिसने ना सिर्फ लोगों को झकझोर कर रख दिया, बल्कि एक हंसते खेलते परिवार को भी उजाड़ दिया। हादसे में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा शिमला के समरहिल क्षेत्र में बीती रात को उस समय हुआ, जब चंडीगढ़ से कुछ लोग अपने बच्चों से मिलने के लिए शिमला पहुंचे थे। कार में छह लोग सवार थेए उसी में से चार लोग चंद मिनट पहले नीचे उतर गएकृऔर यही फैसला उनकी जिंदगी बचा गया। लेकिन उसी कार में मौजूद दो लोगों के लिए यह सफर मौत का आखिरी सफर बन गया।
जानकारी के अनुसार सभी लोग सोमवार रात चंडीगढ़ से शिमला में पढ़ रहे अपने बच्चों से मिलने पहुंचे थे। समरहिल के पास उन्होंने गाड़ी रोककर उसे पार्क करने का निर्णय लिया। कार में सवार चार लोग पहले ही नीचे उतर गए, जबकि ड्राइवर बारा सिंह और गुरमीत सिंह गाड़ी को ठीक से पार्क करने लगे। इसी दौरान अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और देखते ही देखते गाड़ी सड़क से फिसलकर करीब 100 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भयावह था कि मौके पर अफरा.तफरी मच गई।
यह भी पढ़ें : सिया मामले में गरमाई सियासत: जयराम ने घेरी सुक्खू सरकार, बोले-अपराधियों को नहीं है कानून का डर
कार के खाई में गिरते ही वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। जो चार लोग पहले ही उतर चुके थे, वे सुरक्षित रहे, लेकिन उनके सामने ही गाड़ी गहराई में समा गई। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया गया। अंधेरे और खाई की गहराई के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण रहा। काफी मशक्कत के बाद दोनों लोगों के शवों को खाई से बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए आईजीएमसी शिमला भेजा गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: फटाफट घर आ जाओ, हमारी सिया का*ट दी है... पत्नी का फोन सुनते पिता के उड़ गए होश
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बारा सिंह और गुरमीत सिंह के रूप में हुई है, जो चंडीगढ़ के मलोया कॉलोनी के निवासी थे। बताया जा रहा है कि वे शिमला अपने बच्चों से मिलने आए थे, जो यहां पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन यह मुलाकात एक दर्दनाक हादसे में बदल गई।
यह हादसा एक बार फिर पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। जरा सी लापरवाही या संतुलन बिगड़ने से जानलेवा हादसे हो सकते हैं। स्थानीय प्रशासन ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे पहाड़ी सड़कों पर विशेष सतर्कता बरतें। समरहिल का यह हादसा इस बात का उदाहरण बन गया कि जिंदगी और मौत के बीच की दूरी कितनी कम होती है।
अगर वे चार लोग कुछ मिनट पहले गाड़ी से नहीं उतरते, तो शायद मृतकों की संख्या और बढ़ सकती थी। इस दर्दनाक घटना ने न केवल दो परिवारों को उजाड़ दियाए बल्कि हर किसी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पहाड़ों में हर कदम कितनी सावधानी मांगता है।