#हादसा
April 11, 2026
हिमाचल: किसानों की आंखों के सामने राख हुई गेहूं की फसल, चिंगारी ने 30 बीघा भूमि पर बरपाया कहर
बिजली की तारों से निकली चिंगारी ने राख कर दी 30 बीघा भूमि पर खड़ी गेहूं
शेयर करें:

पांवटा साहिब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश में कभी बारिश बर्फबारी तो कभी ओलावृष्टि और तूफान ने किसानों बागवानों की कमर तोड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ी। अब इन किसानों पर आग का कहर बरसने लगा है। ताजा मामला हिमाचल के सिरमौर जिला के पांवटा साहिब से सामने आया है। यहां बिजली की तारों से निकली चिंगारी ने 30 बीघा जमीन पर खड़ी गेहूं की फसल को जलाकर राख कर दिया। पलभर में ही किसानों की आंखों के सामने उनकी कई महीनों की मेहनत जलकर राख का ढेर बन गई। मामला पांवटा साहिब क्षेत्र के बालीवाला गांव से सामने आया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली की ढीली तारों में अचानक चिंगारी उठी, जो सीधे सूखी और कटाई के लिए तैयार गेहूं की फसल पर जा गिरी। देखते ही देखते आग ने खेतों को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही समय में विशाल क्षेत्र जलने लगा। किसानों को समझ ही नहीं आया कि यह हादसा कैसे इतना बड़ा रूप ले गया।
यह भी पढ़ें : हिमाचल की बेटी महज 22 साल की उम्र में बनीं HAS अधिकारी, पहले प्रयास में रचा इतिहास
घटना के समय चल रही तेज हवाओं ने आग को और भड़काने का काम किया। कुछ ही मिनटों में आग ने आसपास के खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया और 20 से 30 बीघा भूमि पर खड़ी फसल जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन लपटों की तीव्रता के आगे सभी प्रयास नाकाम साबित हुए।
इस हादसे से प्रभावित किसानों की महीनों की मेहनत एक झटके में खत्म हो गई। जिन खेतों में सुनहरी फसल लहलहा रही थी, वे अब काले राख के ढेर में बदल गए हैं। किसानों का कहना है कि पहले ही मौसम की मार ने उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर कर दिया था और अब इस आगजनी ने उनकी कमर तोड़ दी है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: गगल हवाई अड्डे के शौचालय में मिला संदिग्ध बैग, मचा हड़कंप, बुलाया बम निरोधक दस्ता
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। अधिकारियों ने प्रभावित किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जले हुए क्षेत्र का पूरा विवरण तैयार कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
यह भी पढ़ें : सुक्खू सरकार की नई पहल: निर्विरोध चुनी जाने वाली पंचायतों पर होगी धनवर्षा, मिलेंगे लाखों रुपए
प्रशासन ने किसानों को आश्वासन दिया है कि नियमानुसार उन्हें उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। हालांकि किसानों का कहना है कि फसल के नुकसान की भरपाई पूरी तरह संभव नहीं है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खेतों के ऊपर से गुजर रही जर्जर बिजली तारें कब तक किसानों के लिए खतरा बनी रहेंगी।