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October 9, 2026

हिमाचल लौट रहे सीएम सुक्खू आधे रास्ते से फिर वापस दिल्ली हुए रवाना, आखिर क्या है इसका कारण

बीते रोज राजघाट पर राहुल प्रियंका संग धरने पर बैठे थे सीएम सुक्खू

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CM Sukhvinder Singh Sukhu

शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के दौरे में अचानक आए बदलाव ने प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। दिल्ली से लौट रहे मुख्यमंत्री चंडीगढ़ पहुंचने के बाद शुक्रवार सुबह शिमला आने के बजाय एक बार फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। उनके इस बदले कार्यक्रम के बीच अब शनिवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, बैठक स्थगित होने या उसके कार्यक्रम में बदलाव को लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

मुख्यमंत्री सुक्खू गुरुवार सुबह शिमला से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। दिल्ली में राजनीतिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के बाद वह देर शाम वापस लौटे और रात को चंडीगढ़ में ठहरे। शुक्रवार सुबह उनका शिमला पहुंचने का कार्यक्रम था। उनके आगमन को लेकर तैयारियां भी की गई थीं, लेकिन अचानक योजना बदल गई। मुख्यमंत्री चंडीगढ़ से शिमला आने के बजाय फिर दिल्ली की ओर निकल गए।

चंडीगढ़ से ही वापस लौटे दिल्ली

मुख्यमंत्री के इस अचानक बदले कार्यक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पहले दिल्ली से वापसी, फिर चंडीगढ़ में रुकना और उसके बाद दोबारा राजधानी के लिए रवाना होना राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है। उनके दिल्ली जाने के पीछे कांग्रेस के कार्यक्रमों में भागीदारी को एक संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, शुक्रवार को हुए इस बदलाव की आधिकारिक वजह स्पष्ट नहीं की गई है।

 

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इस घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री की गुरुवार की दिल्ली यात्रा भी चर्चा में है। वह दिल्ली में इंडिया गठबंधन के वोट चोरी के खिलाफ आयोजित धरने में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और नागरिकों के मताधिकार की सुरक्षा को लोकतंत्र के लिए जरूरी बताया था।

राहुल और प्रियंका गांधी के साथ धरने में बैठे CM

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू गुरुवार को दिल्ली के राजघाट में आयोजित धरने में शामिल हुए थे। इस प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

 

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धरने के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए निष्पक्ष चुनाव और प्रत्येक नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा बेहद जरूरी है। उन्होंने महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन्हीं मूल्यों के आधार पर लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखना होगा।

 

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सुक्खू के अनुसार, इस आंदोलन का उद्देश्य संविधान की गरिमा बनाए रखना, लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करना, चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करना और हर नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और जनभागीदारी के माध्यम से देश को लोकतंत्र की राह दिखाई थी।

 

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शनिवार की कैबिनेट बैठक पर बढ़ा सस्पेंस

मुख्यमंत्री के दोबारा दिल्ली जाने के बाद अब प्रदेश सरकार की शनिवार को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक पर भी निगाहें टिक गई हैं। मुख्यमंत्री की शिमला वापसी का कार्यक्रम बदलने से बैठक को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से बैठक में किसी बदलाव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि मुख्यमंत्री सुक्खू कब शिमला लौटेंगे और क्या शनिवार को मंत्रिमंडल की बैठक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार होगी? बैठक में प्रदेश से जुड़े किन मुद्दों पर चर्चा होगी और क्या कोई अहम निर्णय लिया जाएगा, इस पर भी सबकी नजर रहेगी।

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