#विविध
September 28, 2026
हिमाचल: मन्नत पूरी होने पर पंजाब के श्रद्धालु ने मां चिंतपूर्णी के चरणों में चढ़ाया चांदी का छत्र
पंजाब के श्रद्धालु ने चढ़ाया 750 ग्राम चांदी का छत्र
शेयर करें:

चिंतपूर्णी। हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में देश-दुनिया के श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। माता के दरबार में पहुंचने वाला हर भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार मां के चरणों में भेंट अर्पित करता है। कोई प्रसाद चढ़ाता है तो कोई अपनी मनोकामना पूरी होने पर मंदिर में विशेष पूजा करवाता है। ऐसी ही आस्था और श्रद्धा की एक अनोखी तस्वीर सोमवार सुबह माता श्री चिंतपूर्णी मंदिर में देखने को मिली, जब पंजाब के मुकेरियां से पहुंचे एक श्रद्धालु दंपति ने मां के चरणों में 750 ग्राम चांदी का छत्र अर्पित किया।
मन्नत पूरी होने के बाद श्रद्धालु दंपति ने अपनी इच्छा से यह चांदी का छत्र मां के पावन दरबार में भेंट किया। मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद जब छत्र को मां की पावन पिंडी पर सजाया गया तो उसकी भव्यता देखते ही बन रही थी।
बताया गया कि पंजाब के मुकेरियां से आए श्रद्धालु दंपति ने अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद मां चिंतपूर्णी के दरबार में यह विशेष भेंट चढ़ाई। श्रद्धालु ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया। श्रद्धालु का कहना था कि मां के आशीर्वाद से उनकी मनोकामना पूरी हुई, जिसके बाद उन्होंने अपनी श्रद्धा के अनुसार मां के चरणों में यह छोटी-सी भेंट अर्पित की है।
यह भी पढ़ें : एशियन गेम्स में हिमाचली खिलाड़ियों ने जीते मेडल, अब सुक्खू सरकार करेगी 5.33 करोड़ की इनामी बारिश
मंदिर में चांदी का छत्र पहुंचने के बाद पुजारी वर्ग ने विधि-विधान के साथ इसकी पूजा-अर्चना करवाई। इस दौरान वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया। पूजा संपन्न होने के बाद चांदी के छत्र को माता की पावन पिंडी पर सजाया गया। आधुनिक कारीगरी से तैयार किया गया यह छत्र मां की पिंडी की शोभा को और बढ़ा रहा है। मंदिर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी इस भेंट को श्रद्धा और कौतूहल के साथ देखा।
हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठों के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था सदियों से जुड़ी हुई है। देश के अलग-अलग राज्यों से लोग माता के दरबार में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। चिंतपूर्णी धाम में भी वर्षभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल हाईकोर्ट में निकली भर्ती: लाइब्रेरियन से लेकर चपरासी तक के भरे जाएंगे पद; जानें पूरी डिटेल
भक्त मां के दरबार में अपनी मनोकामना लेकर पहुंचते हैं और मन्नत पूरी होने के बाद अपनी सामर्थ्य और इच्छा के अनुसार मां के चरणों में भेंट अर्पित करते हैं। किसी की भेंट छोटी होती है तो कोई अपनी श्रद्धा के अनुसार बड़ी भेंट चढ़ाता है। इस तरह मंदिर में पहुंचने वाली हर भेंट के पीछे श्रद्धा और विश्वास की अपनी कहानी होती है।
सोमवार सुबह चढ़ाया गया 750 ग्राम वजनी चांदी का छत्र भी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय रहा। आकर्षक डिजाइन और आधुनिक कारीगरी से तैयार इस छत्र को जब मां की पावन पिंडी पर स्थापित किया गया तो मंदिर की शोभा और बढ़ गई। मंदिर अधिकारी संजीव प्रभाकर ने बताया कि पंजाब के मुकेरियां से आए श्रद्धालु ने अपना नाम बताए बिना मन्नत पूरी होने पर अपनी श्रद्धा के अनुसार चांदी का छत्र अर्पित किया है।
यह भी पढ़ें : हिमाचल: सिर पर मटके, पैरों के नीचे गिलास... ऐसे नृत्य करती थी फूलां चंदेल; कला जगत में शोक की लहर
इस भेंट की खास बात यह भी रही कि श्रद्धालु ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया। उनका कहना था कि मां के दरबार में भेंट चढ़ाना उनके लिए आस्था और कृतज्ञता का विषय है। चिंतपूर्णी मंदिर में समय-समय पर श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूरी होने के बाद अलग-अलग तरह की भेंट अर्पित करते रहे हैं। सोमवार को पंजाब से आए दंपति की ओर से चढ़ाया गया चांदी का छत्र भी इसी आस्था की एक मिसाल बन गया।