Tuesday, July 23, 2024
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हिमाचल: 2 बच्चियों को बचाकर हो गया दिव्यांग, सरकार ने सुध तक नहीं ली

सोलन। दुनिया में ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जो कि दूसरों की जान बचाने के लिए अपनी जान दांव पर लगा देते हैं। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है हिमाचल के एक नौजवान युवक ऋृतिक ने। ऋृतिक ने बिना अपनी जान की परवाह किए दो बच्चियों की जान बचाई है।

नहीं मिली सरकार से कोई मदद

हाल ही में ऋृतिक पीजीआई से अफना इलाज करवा कर घर वापस लौटा है। उसने बताया कि अभी तक प्रशासन की ओर से उसे कोई मदद नहीं मिली है।

2 बच्च्यिों की बचाई जान, खुद की गंवाई टांग

दरअसल, तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आने से बच्चियों को बचाने के चक्कर में 24 साल के ऋृतिक ने अपनी एक टांग गवा दी है। ऋृतिक की बाईं टांग को घुटने के नीचे से काट दिया गया है। जबकि, दूसरी टांग में उसको रॉड डाली गई है।

बता दें कि ऋृतिक चौहान हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के चौपाल स्थित चंबी क्षेत्र का रहने वाला है। ऋृतिक जिला सोलन में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। मगर हादसे में टांग गंवाने का बाद अब वह अपने गांव वापस चला जाएगा।

ट्रेन की चपेट में आने वाली थी बच्चियां

ऋृतिक ने बताया कि बीती 8 अप्रैल को रात करीब 8.30 बजे वह दफ्तर से वापस अपने क्वार्टर की तरफ जा रहा था। इसी दौरान उसने देखा कि रेलवे ट्रैक से दो बच्चियों जा रही हैं और सामने से ट्रेन आ गई। ट्रेन को देखते ही दोनों बच्चियां ऐसी जगह पर खड़ी हो गई जहां पर जगह बहुत कम थी।

घुटने के नीचे से कटी एक टांग, दूसरी में पड़ी रॉड

इसके बाद वह तुरंत बच्चियों के पास पहुंचा और उन्हें वहां से हटाने में कामयाब हो गया, लेकिन खुद वह ट्रेन की एक पाइप में फंस गया। हादसे में एक बच्ची को चोट लगी है। जबकि, ट्रेन की चपेट में आने से ऋृतिक की बाईं टांग घुटने के नीचे से काट दी गई है। जबकि, दूसरी टांग में रॉड डाली गई है।

ट्रैक के पास लोगों की जान को है खतरा

ऋृतिक ने कहा कि जिस जगह पर यह हादसा हुआ है वहां रेलवे ट्रैक के पास स्पेस बहुत कम है। जबकि, ट्रैक के नीचे एक बड़ी कालोनी भी है। ऐसे में काफी लोग यहां से गुजरते रहते हैं। उसने कहा कि अगर अचानक वहां ट्रेन आ जाए तो लोगों के पास साइज में जाने का भी कोई विकल्प नहीं है।

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ऋृतिक ने रेलवे प्रशासन से आग्रह किया है कि जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है वहां पर लोगों की सुरक्षा के लिए प्वाइंट खोला जाए या फिर किसी पुल का निर्माण किया जाए। साथ ही उसने प्रशासन व सरकार हादसे में घायल हुई बच्ची की मदद करने की गुहार लगाई है।

बहादुर लड़के को मिलनी चाहिए सरकारी नौकरी

वहीं, बच्चियों की मां कृष्णा देवी का कहना है कि वह ऋृतिक का आभार व्यक्त करती हैं। ऋृतिक ने अपनी जान की परवाह किए बिना उनकी दोनों बेटियों की जान बचाई है। उन्होंने कहा कि ऋतिक की बहादुरी को देखते हुए सरकार को उसे सरकारी नौकरी देनी चाहिए।

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