#अपराध
October 8, 2026
हिमाचल पुलिस के हत्थे चढ़ी निकिता : गाड़ी में 2 दोस्तों संग निकली थी चिट्टा बेचने...तीनों पहुंचे जेल
तीनों आरोपी हिमाचल के अलग-अलग जिले के रहने वाले हैं
शेयर करें:

शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस ने घनाहट्टी के नलहट्टी क्रॉसिंग के पास कार्रवाई करते हुए युवती समते तीन लोगों को गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई बीते कल 7 अक्टूबर को की गई। स्पेशल सेल की टीम नलहट्टी क्रॉसिंग के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम ने एक वाहन को जांच के लिए रोका।
वाहन में तीन लोग सवार थे। पुलिस ने वाहन की तलाशी लेने के साथ ही उसमें मौजूद तीनों लोगों की भी जांच की। जांच के दौरान पुलिस को चिट्टा (हेरोइन) बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक इसकी मात्रा करीब 10 ग्राम है। पुलिस ने वाहन में सवार तीनों लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार तीनों आरोपी हिमाचल के अलग-अलग जिले के रहने वाले हैं। आरोपियों की पहचान-
इस कार्रवाई के संबंध में थाना वेस्ट शिमला में FIR संख्या 213/2026 दर्ज की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 21 और 29 के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस की जांच अब केवल 10 ग्राम चिट्टा बरामद होने तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित तौर पर बरामद नशीला पदार्थ आरोपियों तक कैसे पहुंचा। इसके साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तीनों आरोपी एक-दूसरे को किस तरह जानते हैं और क्या उनके बीच पहले से कोई संपर्क या लेन-देन था।
जांच में यह पहलू भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि बरामद नशीले पदार्थ की सप्लाई कहां से हुई। पुलिस संभावित सप्लायर और इससे जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर सकती है। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में मामले में और लोगों के नाम सामने आने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। अब पुलिस ये भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये तीनों आरोपी चिट्टा बेचने निकले थे या किसी से खरीद कर आ रहे थे।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों और नशे की कथित खरीद-फरोख्त से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा सकता है। पुलिस यह जानने का प्रयास करेगी कि बरामद पदार्थ व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए था या इसके पीछे किसी तरह की सप्लाई गतिविधि जुड़ी हुई थी।