Tuesday, July 23, 2024
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हिमाचल के मनोज बने टीम इंडिया के कोच: पत्नी भी हैं नेशनल खिलाड़ी

बिलासपुर। देश-दुनिया का शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो जहां हिमाचलियों ने अपना परचम ना लहराया हो। अब इस सूची में प्रदेश के जिला बिलासपुर के रहने मनोज ठाकुर का नाम जुड़ गया है। मनोज भारतीय हैंडबॉल टीम के कोच नियुक्त किए गए हैं। मनोज की इस उपलब्धि से उनके इलाके में खुशी की लहर है।

बिलासपुर के पहले कोच हैं मनोज

मनोज अपने जिला के ऐसे पहले शख्स हैं, जिन्होंने इस उपलब्धि को हासिल किया है। मनोज ठाकुर उज्बेकिस्तान के ताशकंद में होने वाली चतुर्थ सेंट्रल एशियन ओपन हैंडबॉल प्रतियोगिता में भारतीय टीम के साथ रहेंगे।

भारतीय हैंडबॉल टीम के बने कोच

वर्तमान में मनोज ठाकुर युवा सेवाएं एवं खेल विभाग बिलासपुर में बतौर हैंडबॉल कोच सेवाएं दे रहे हैं।

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अब वह भारतीय हैंडबॉल टीम के कोच बने हैं। मनोज इससे पहले 15 से अधिक बार नेशनल टूर्नामेंट में हिमाचल टीम के कोच और रेफरी के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं।

पत्नी भी हैं नेशनल लेवल की खिलाड़ी

मनोज ठाकुर के पिता नत्थू राम ठाकुर सेवानिवृत अड्डा इंचार्ज HRTC हैं। मनोज की माता राजो ठाकुर गृहिणी हैं। मनोज की पत्नी रूचिका ठाकुर सॉफ्ट बॉल की नेशनल लेवल की खिलाड़ी है।

काफी पढ़े-लिखें हैं मनोज

मनोज की प्रारंभिक शिक्षा दयानंद मॉडल स्कूल बिलासपुर में हुई। उसके बाद जमा दो तक की शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला छात्र बिलासपुर व स्नातक की उपाधि पीजी कॉलेज बिलासपुर से पूरी हुई।

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इसके अलावा मनोज ने शिमला विश्वविद्यालय से LLB करने के बाद शारीरिक शिक्षा में मास्टर डिग्री कर पटियाला से NIS की उपाधि हासिल की। मनोज ने अमृतसर के बटाला में कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल में एक साल बतौर शिक्षक सेवाएं भी दी।

वकालत भी कर चुके हैं मनोज

इतना ही नहीं मनोज बिलासपुर कोर्ट में वकालत भी कर चुके हैं। साल 2015 में मनोज युवा सेवाएं एवं खेल विभाग कुल्लू में तैनात हुए। फिर साल 2018 में उनकी तैनाती युवा सेवाएं एवं खेल विभाग बिलासपुर में हुई। मनोज के खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं।

उज्जवल हो सकता है भविष्य

मनोज ने अपनी इस उपलब्धि का सारा श्रेय अपने परिवार और सहयोगियों को दिया है। मनोज का कहना है कि स्पोर्टस से जुड़कर कोई भी युवा अपना भविष्य संवार सकता है और नशे आदि से दूर रह सकता है।

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