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October 4, 2026

हिमाचल का युवक UK फ्रांस और जर्मनी से मंगवाता था ड्रग्स, डाक पार्सल से आता था नशा; मिली बड़ी सजा

विदेश से डाक के जरिए हिमाचल पहुंच रहा था नशा NCB चंडीगढ़ ने दर्ज किया था केस

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solan crime News

सोलन। हिमाचल प्रदेश में नशे का जाल किस कद्र फैलता जा रहा है, इसका अंदाजा इस मामले से लगाया जा सकता है कि अब नशे की खेप केवल बाहरी राज्यों से ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी हिमाचल तक पहुंचने लगी है। सोलन जिले से सामने आए एक मामले में एक युवक ने किसी दूसरे राज्य से नहीं, बल्कि यूके, फ्रांस और जर्मनी से अंतरराष्ट्रीय डाक सेवा के जरिए ड्रग्स के पार्सल मंगवाए।

 

नशे की इस अंतरराष्ट्रीय सप्लाई का खुलासा नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की कार्रवाई के बाद हुआ। मामले में सोलन निवासी पंकज शर्मा को अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

विदेश से आए पार्सल ने खोली नशे की परत

मामला वर्ष 2023 का है, जब NCB की चंडीगढ़ जोनल यूनिट को सूचना मिली कि यूनाइटेड किंगडम से अंतरराष्ट्रीय डाक सेवा के माध्यम से सोलन आने वाले एक पार्सल में प्रतिबंधित नशीला पदार्थ हो सकता है। सूचना के आधार पर जांच एजेंसी ने अदालत की अनुमति लेकर नियंत्रित डिलीवरी की प्रक्रिया अपनाई और पार्सल की निगरानी शुरू कर दी।

 

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4 जुलाई 2023 को सोलन के मुख्य डाकघर में जैसे ही पंकज शर्मा पार्सल लेने पहुंचा, NCB की टीम ने उसे पकड़ लिया। पार्सल की तलाशी ली गई तो उसमें 4.7 ग्राम कोकीन बरामद हुई। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो मामला केवल एक पार्सल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विदेशों से नशीले पदार्थ मंगवाने की पूरी कड़ी सामने आने लगी।

फ्रांस और जर्मनी से भी मंगवाया नशा

जांच के दौरान पंकज शर्मा के नाम से फ्रांस से भेजा गया एक अन्य अंतरराष्ट्रीय पार्सल भी सामने आया। इस पार्सल की जांच में 56.2 ग्राम MDMA बरामद हुई। यह मात्रा MDMA की निर्धारित व्यावसायिक मात्रा 10 ग्राम से पांच गुना से भी अधिक थी।

 

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इतना ही नहीं, जांच एजेंसी को जर्मनी से भेजा गया एक तीसरा पार्सल भी मिला, जो पंकज शर्मा के नाम पर था। इसमें 4.4 ग्राम कोकीन बरामद की गई। इस तरह जांच में सामने आया कि आरोपी अंतरराष्ट्रीय डाक सेवा का इस्तेमाल कर अलग-अलग देशों से नशीले पदार्थ मंगवा रहा था।

डाक पार्सल को बनाया नशे की सप्लाई का जरिया

इस मामले ने यह भी दिखाया कि नशे के कारोबार से जुड़े लोग किस तरह सामान्य डाक व्यवस्था का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं। विदेश से आने वाले पार्सल के जरिए प्रतिबंधित पदार्थ हिमाचल तक पहुंचाने का यह मामला जांच एजेंसियों के लिए भी गंभीर चिंता का विषय है।

 

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सोलन जैसे पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों वाले जिले में विदेश से सीधे नशीले पदार्थों के पार्सल पहुंचने का मामला हिमाचल में फैल रहे नशे के नेटवर्क की एक अलग तस्वीर सामने रखता है। यहां नशे की सप्लाई का तरीका अब केवल सीमावर्ती राज्यों या दूसरे प्रदेशों से होने वाली तस्करी तक सीमित नहीं दिख रहा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय डाक माध्यम का इस्तेमाल भी जांच के दायरे में आया है।

मजबूत सबूतों के आधार पर अदालत ने माना दोषी

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने कई महत्वपूर्ण साक्ष्य प्रस्तुत किए। इनमें डाक कर्मचारियों की गवाही, पार्सल की डिलीवरी से संबंधित दस्तावेज, पहचान संबंधी रिकॉर्ड, जब्ती की कार्रवाई, मालखाने से जुड़े रिकॉर्ड और वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट शामिल थे।

 

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इन साक्ष्यों और जांच के आधार पर विशेष न्यायाधीश-II, सोलन की अदालत ने 3 अक्टूबर 2026 को पंकज शर्मा को NDPS Act की धारा 22(C) के तहत दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 10 साल के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।

दिसंबर 2023 में दाखिल हुई थी शिकायत

इस मामले में NCB की ओर से 19 दिसंबर 2023 को सोलन की विशेष अदालत में NDPS Act के तहत शिकायत दाखिल की गई थी। इसके बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी और अभियोजन पक्ष ने अदालत में बरामदगी तथा अंतरराष्ट्रीय पार्सल से जुड़े विभिन्न दस्तावेज और गवाह पेश किए।

 

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अदालत के फैसले के बाद यह मामला हिमाचल में नशे के बदलते नेटवर्क को लेकर भी अहम माना जा रहा है। खासकर इस वजह से कि यहां नशीले पदार्थों की खेप देश के भीतर किसी अन्य राज्य से नहीं, बल्कि अलग-अलग विदेशी देशों से अंतरराष्ट्रीय डाक माध्यम के जरिए पहुंचाई जा रही थी।

NCB ने लोगों से की 1933 पर सूचना देने की अपील

NCB ने आम लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें नशीले पदार्थों की तस्करी, सप्लाई या इससे जुड़ी किसी गतिविधि की जानकारी मिलती है तो इसकी सूचना मानस राष्ट्रीय नार्कोटिक्स हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दी जाए। एजेंसी के अनुसार सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

 

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सोलन का यह मामला एक बार फिर इस ओर इशारा करता है कि हिमाचल में नशे की चुनौती अब केवल स्थानीय या अंतरराज्यीय स्तर तक सीमित नहीं रह गई है। विदेशों से डाक पार्सल के जरिए ड्रग्स मंगवाने का मामला सामने आना बताता है कि नशे की सप्लाई के तरीके लगातार बदल रहे हैं और जांच एजेंसियों के सामने भी चुनौती का दायरा बढ़ रहा है।

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