शिमला। हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड में काम कर रहे एनपीएस (NPS) कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर आई है। सरकार ने इन्हें केंद्र सरकार के कर्मचारियों की तर्ज पर महंगाई भत्ता (DA) देने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
2 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता
इससे इन कर्मचारियों को अब 2 प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता मिलेगा, जो मौजूदा आर्थिक हालातों में एक राहत भरा कदम माना जा रहा है। जिसके बाद कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है। बता दें कि केंद्र द्वारा प्रदेश के 6000 कर्मचारियों को ये ,तोहफा दिया गया है।
पुरानी पेंशन योजना की मांग बरकरार
बिजली बोर्ड में करीब 6000 कर्मचारी ऐसे हैं, जो एनपीएस के दायरे में आते हैं। ये कर्मचारी पिछले लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग कर रहे हैं। हालांकि, अब तक सरकार की ओर से इस पर कोई स्पष्ट फैसला नहीं आया है। चुनावी मंचों और मंचित आश्वासनों के बावजूद, इन कर्मचारियों को बार-बार आश्वासन के अलावा ठोस नीति का इंतजार करना पड़ा है।
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महंगाई भत्ते को लेकर क्यों हुआ बदलाव?
सरकार ने माना है कि OPS लागू न होने के कारण इन कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्हें महंगाई भत्ता केंद्र सरकार के समान देने का फैसला किया गया है। इससे एनपीएस कर्मचारियों की सैलरी में थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन इससे उनकी मूल मांग का हल नहीं निकलता।
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कर्मचारियों में मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस फैसले को लेकर एनपीएस कर्मचारियों में संतोष के साथ नाराज़गी भी है। कई कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार ने OPS को टालने के लिए यह अस्थायी कदम उठाया है। उनका कहना है कि इससे वे अपनी असुरक्षित वृद्धावस्था की चिंता से मुक्त नहीं हो सकते। एनपीएस कर्मचारियों का कहना है कि वे OPS की बहाली के लिए अपना आंदोलन जारी रखेंगे। उनका मानना है कि महंगाई भत्ता एक अस्थायी मरहम है, लेकिन स्थायी इलाज केवल OPS बहाली ही है।
