शिमला। हिमाचल प्रदेश में 'राजस्व घाटा अनुदान' (RDG) और आर्थिक संकट को लेकर छिड़ी सियासी जंग अब और तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के हमलों पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने उन पर झूठ बोलने और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया है। जयराम ने दो-टूक कहा कि CM को अब "अनाप-शनाप" बयानबाजी बंद कर थोड़ी लज्जा करनी चाहिए।

झूठ बोल रहे हैं मुख्यमंत्री सुक्खू

जयराम ठाकुर ने 'ऑल पार्टी मीटिंग' में शामिल ना होने के आरोपों पर सफाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जेब से जो चिट्ठी निकालकर लोगों को दिखा रहे हैं, वह पिछली रात को ही लिखी गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि RDG ग्रांट बंद होने की खबर के बाद से मुख्यमंत्री का संतुलन बिगड़ गया है, इसलिए वे बार-बार झूठ का सहारा ले रहे हैं।

यह भी पढ़ें: हिमाचल : दहेज के लिए तंग कर रहे थे ससुराल वाले, 18 वर्षीय नई दुल्हन ने उठा लिया गलत कदम

आत्मनिर्भरता का फॉर्मूला कहां है ?

मुख्यमंत्री के 2027 तक 'आत्मनिर्भर' और 2032 तक 'सबसे अमीर राज्य' बनाने वाले दावों पर जयराम ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश इस समय भीषण आर्थिक तंगी से गुजर रहा है, ऐसे में CM को हवाई दावों के बजाय वह फॉर्मूला जनता को बताना चाहिए जिससे हिमाचल आत्मनिर्भर बनेगा।

सम्मान नहीं तो अपमान तो ना करें

जयराम ने सुक्खू को नसीहत देते हुए कहा, "योद्धा सिर्फ आप ही नहीं हैं। हर व्यक्ति संघर्ष करके ही यहां तक पहुंचता है। अगर आप किसी का सम्मान नहीं कर सकते, तो कम से कम सार्वजनिक मंचों से किसी का अपमान भी मत कीजिए।"

यह भी पढ़ें: सुक्खू सरकार का दोहरा चेहरा: जनता के लिए जेब खाली, चेहतों को दे डाली करोड़ों की 9 गाड़ियां

कांग्रेस के दोहरे स्टैंड पर सवाल

पूर्व CM ने केंद्र सरकार का बचाव करते हुए कहा कि RDG कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है और इसके बंद होने के संकेत 12वें वित्त आयोग के समय ही मिल गए थे। उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए पूछा कि जब कर्नाटक की कांग्रेस सरकार खुद RDG बंद करने की मांग कर रही है, तो हिमाचल कांग्रेस इसके लिए केंद्र को दोषी क्यों ठहरा रही है?

सरकार चलाने में फेल हुए सुक्खू

जयराम ने कहा कि उनकी सरकार के समय केंद्र से सबसे ज्यादा ग्रांट मिली थी क्योंकि उन्होंने अपना पक्ष मजबूती से रखा था, लेकिन वर्तमान सरकार ऐसा करने में नाकाम रही है। उन्होंने वित्त सचिव की प्रेजेंटेशन का हवाला देते हुए कहा कि अगर सभी सब्सिडी बंद कर दी जाएं, नौकरियां रोक दी जाएं और OPS भी बंद कर दी जाए, तब भी खजाने में 7 हजार करोड़ का घाटा बना रहेगा। जयराम ने दावा किया कि मुख्यमंत्री से अब सरकार संभल नहीं रही है।