बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के AIIMS बिलासपुर में उस समय हड़कंप मच गया- जब संस्थान में कार्यरत एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर संदिग्ध हालात में अचानक लापता हो गया। मामला तब और गंभीर हो गया- जब डॉक्टर के कमरे से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। इस सूचना के सामने आते ही AIIMS प्रशासन, पुलिस और डॉक्टर के परिजनों की चिंताएं बढ़ गईं।

जीना नहीं चाहता बोल लापता हुआ डॉक्टर

जानकारी के अनुसार उक्त जूनियर रेजिडेंट मूल रूप से हरियाणा के पानीपत का रहने वाला है और उसने हाल ही में AIIMS बिलासपुर में अपनी ड्यूटी ज्वाइन की थी। लापता होने से पहले डॉक्टर ने एक नोट छोड़ा, जिसमें लिखा था कि वह अब और जीना नहीं चाहता और वह यहां से जा रहा है। 

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ढूंढने की ना करें कोशिश

नोट में यह भी उल्लेख किया गया था कि उसे ढूंढने की कोशिश न की जाए। इस नोट के मिलते ही एम्स प्रशासन में अफरातफरी मच गई। स्थिति उस वक्त और भी चिंताजनक हो गई, जब यह सामने आया कि डॉक्टर अपना मोबाइल फोन, पहचान से जुड़ा सामान और अन्य निजी वस्तुएं अस्पताल परिसर में ही छोड़कर गया था।

रातभर चला सर्च ऑपरेशन

इस पर AIIMS प्रशासन ने बिना देरी किए पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एम्स के सुरक्षा कर्मियों के साथ मिलकर रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। पूरे अस्पताल परिसर, आसपास के क्षेत्रों और सड़कों पर तलाशी ली गई।

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CCTV फुटेज भी खंगाले गए

CCTV फुटेज खंगालने पर डॉक्टर सुबह करीब 8:30 बजे AIIMS के मुख्य गेट से बाहर सड़क की ओर जाता हुआ दिखाई दिया। बताया गया कि वह अपनी निजी गाड़ी लेकर निकला था। इस जानकारी के बाद सर्च अभियान का दायरा और बढ़ा दिया गया।

माता-पिता पहुंचे अस्पताल

डॉक्टर के लापता होने की सूचना मिलते ही उसके माता-पिता भी देर रात पानीपत से बिलासपुर पहुंच गए। वे पूरी रात पुलिस के साथ अपने बेटे की तलाश में जुटे रहे। इस दौरान एक अहम तथ्य यह भी सामने आया कि संबंधित जूनियर रेजिडेंट पहले से ही मानसिक तनाव और अस्वस्थता से जूझ रहा था।

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सुबह पता चला कि...

करीब पूरी रात चले सघन सर्च ऑपरेशन के बाद सोमवार सुबह राहत भरी खबर सामने आई। डॉक्टर के माता-पिता को सूचना मिली कि उनका बेटा सुरक्षित अपने घर पहुंच गया है। यह खबर मिलते ही परिजनों, पुलिस और एम्स प्रशासन ने राहत की सांस ली।

मानसिक तनाव में डॉक्टर

इसके बाद पुलिस और प्रशासन को आधिकारिक तौर पर डॉक्टर के सुरक्षित होने की जानकारी दी गई। इस मामले को AIIMS प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। हालांकि, डॉक्टर सुरक्षित है, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए संस्थान ने तत्काल कोई विभागीय कार्रवाई करने के बजाय उसके उपचार और काउंसलिंग को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है।

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ड्यूटी पर रखना होगा सुरक्षित?

बताया जा रहा है कि डॉक्टर के दोबारा लौटने पर उसका विस्तृत मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन (साइकेट्रिक इवैल्यूएशन) कराया जाएगा। इसी रिपोर्ट के आधार पर यह तय किया जाएगा कि उसे आगे ड्यूटी पर रखना कितना सुरक्षित और उपयुक्त होगा।

सुसाइड नोट ने मचाया हड़कंप

SP बिलासपुर संदीप धवल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि AIIMS प्रबंधन से सुसाइड नोट की सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम तत्काल अस्पताल पहुंची थी। रातभर तलाशी अभियान चलाया गया, लेकिन सुबह जानकारी मिली कि डॉक्टर सुरक्षित अपने घर पहुंच गया है। उस समय उसके माता-पिता पुलिस टीम के साथ ही मौजूद थे। फिलहाल डॉक्टर सुरक्षित है और मामले की गंभीरता को देखते हुए आगे की प्रक्रिया नियमानुसार की जाएगी।

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