कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में हाल ही में गिरफ्तार किए गए एक चीनी नागरिक के मामले में रोज नए और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे यह आशंका गहराती जा रही है कि इस पूरे मामले में किसी स्थानीय व्यक्ति की भूमिका भी हो सकती है। प्रारंभिक जांच में ऐसे संकेत मिले हैं, जिन्होंने पुलिस के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों की चिंता भी बढ़ा दी है।
स्थानीय निवासी ने दी थी घर में पनाह
गौरतलब है कि पर्यटक स्थल धर्मशाला के मैक्लोडगंज में बिना वैध दस्तावेजों के पकड़े गए चीनी नागरिक की जांच के दौरान खुलासा हुआ है कि उसे मैक्लोडगंज के एक स्थानीय निवासी ने अपने घर में पनाह दे रखी थी। इस मामले में पुलिस ने मकान मालिक के खिलाफ भी मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
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नियमों का उल्लंघन कर घर में रखा था चीनी
पुलिस के अनुसार, मैक्लोडगंज के एक स्थानीय परिवार ने चीनी नागरिक और पूर्व चीनी पुलिस कर्मी लौ वेननियन को करीब 130 दिनों तक अपने घर में ठहराए रखा। नियमों के मुताबिक, किसी भी विदेशी नागरिक को घर में ठहराने पर मकान मालिक को इसकी जानकारी पुलिस को देनी होती है और सी-फॉर्म के जरिए विदेशी पंजीकरण कार्यालय (FRO) में पंजीकरण कराना जरूरी होता है, लेकिन यहां ऐसा नहीं किया गया।
मोबाइल से नहीं, इंटरनेट से करता था बात
इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात आरोपी का संपर्क करने का तरीका है। जब पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने उसके मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच करवाई, तो पता चला कि उसने चीन में किसी से भी सामान्य मोबाइल कॉल के जरिए बात नहीं की।
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आधारित कॉलिंग ऐप्स का कर रहा था इस्तेमाल
आरोपी सिर्फ इंटरनेट आधारित कॉलिंग ऐप्स का इस्तेमाल करता था। ऐसे ऐप्स के जरिए की गई कॉल्स को ट्रैक करना आसान नहीं होता, जिससे उसकी लोकेशन और संपर्कों का पता लगाना जांच एजेंसियों के लिए मुश्किल बन गया है।
लैपटॉप और गैजेट्स खंगाल रही पुलिस
फिलहाल पुलिस ने आरोपी का लैपटॉप, मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने कब्जे में ले लिए हैं। अब इन सभी डिवाइस की जांच की जा रही है, ताकि पता चल सके कि वह यहां किन लोगों से संपर्क में था, कहां-कहां गया और उसने इंटरनेट का इस्तेमाल किस-किस काम के लिए किया। इससे उसकी गतिविधियों की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
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क्या है पूरा मामला
बता दें कि 3 फरवरी को पुलिस टीम ने कांगड़ा के पर्यटक स्थल धर्मशाला मैक्लोडगंज में एक चीनी युवक को बिना किसी वीजा के घूम रहा था। युवक लगभग 130 दिनों, यानी लगभग पांच महीने तक मैक्लोडगंज में रह रहा था। जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।
टूरिस्ट वीजा पर नेपाल आया था
जानकारी के मुताबिक, यह चीनी नागरिक नेपाल सरकार का 90 दिन का टूरिस्ट वीजा लेकर पहले नेपाल पहुंचा था। इसके बाद वह बिना किसी वैध भारतीय वीजा के भारत में दाखिल हो गया और मैक्लोडगंज पहुंच गया।
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चीनी भाषा में कर रहा था बात
धर्मशाला SP कार्यालय की सुरक्षा शाखा को एक संदिग्ध विदेशी नागरिक की सूचना मिली। बताया गया कि वह सिर्फ चीनी भाषा में बात कर रहा था और न हिंदी समझ पा रहा था, न अंग्रेजी। सूचना मिलते ही मैक्लोडगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान उसके पास कोई भी वैध भारतीय दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद युवक को गिरफ्तार कर लिया गया।
लैपटॉप और गैजेट्स खंगाल रही पुलिस
फिलहाल पुलिस ने आरोपी का लैपटॉप, मोबाइल फोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान अपने कब्जे में ले लिए हैं। अब इन सभी डिवाइस की जांच की जा रही है, ताकि पता चल सके कि वह यहां किन लोगों से संपर्क में था, कहां-कहां गया और उसने इंटरनेट का इस्तेमाल किस-किस काम के लिए किया। इससे उसकी गतिविधियों की पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।
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सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट परमैक्लोडगंज सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं है, बल्कि यही दलाई लामा का निवास स्थान भी है, इसलिए इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काफी संवेदनशील इलाका माना जाता है। ऐसे में बिना वीजा के किसी विदेशी नागरिक का इतने लंबे समय तक यहां रहना सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े करता है।
