मंडी। हिमाचल प्रदेश के कई होनहारों ने UGC-NET में अपनी सफलता का परचम लहराया है। इसी कड़ी में मंडी जिले की बेटी मुस्कान चौहान ने भी अपनी जीत का लोहा मनवाते हुए अपना और अपने परिवार का नाम रोशन किया है।

मुस्कान ने क्वालीफाई किया UGC-NET

मुस्कान चौहान गोहर उपमंडल की नेहरा पंचायत के गणई गांव की रहने वाली हैं। छोटी काशी के नाम से प्रसिद्ध मंडी की इस बेटी ने यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखे जा सकते हैं और उन्हें पूरा भी किया जा सकता है।

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लॉ की पढ़ाई कर चुकी हैं मुस्कान

मुस्कान ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मंडी में पूरी की। इसके बाद उन्होंने HPU से लॉ की पढ़ाई पूरी की। कानून के क्षेत्र में गहरी रुचि होने के चलते मुस्कान ने आगे की पढ़ाई के लिए शिमला स्थित नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, घंडल से LLM की डिग्री हासिल की।

 

गोहर की बेटी मुस्कान ने UGC-NET परीक्षा की पास, लॉ की कर चुकी है पढ़ाई

पढ़ाई के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी

कानून की पढ़ाई के दौरान उन्होंने विषय को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे समाज और न्याय व्यवस्था से जोड़कर समझने की कोशिश की। इसी निरंतर अध्ययन और अनुशासन का परिणाम रहा कि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में UGC-NET जैसी कठिन परीक्षा में सफलता हासिल कर ली।

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एक प्रेरणा से बदली जिंदगी की दिशा

मुस्कान के जीवन में कानून को करियर के रूप में चुनने की प्रेरणा स्कूल के दिनों में मिली। मंडी स्थित इंड्स ग्लोबल स्कूल में पढ़ाई के दौरान आयोजित एक शिविर में मंडी कोर्ट से आई एक महिला न्यायाधीश के विचारों ने मुस्कान को गहराई से प्रभावित किया।

लगातार करती रहीं मेहनत

उसी दिन उन्होंने तय कर लिया था कि वे कानून के क्षेत्र में आगे बढ़ेंगी और समाज के लिए कुछ सार्थक करेंगी। इसके बाद मुस्कान ने कानून को ही अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया और लगातार मेहनत करती रहीं।

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अब असिस्टेंट प्रोफेसर और PHD की राह

UGC-NET परीक्षा उत्तीर्ण करने के साथ ही मुस्कान अब असिस्टेंट प्रोफेसर बनने और PHD में प्रवेश के लिए पात्र हो गई हैं। उनका लक्ष्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी या किसी अन्य प्रतिष्ठित संस्थान से लॉ विषय में PHD करना है- ताकि वे शिक्षण और शोध के क्षेत्र में योगदान दे सकें। मुस्कान का मानना है कि शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है और कानून के विद्यार्थी के रूप में यह जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है।

पूरे परिवार में खुशी

मुस्कान के पिता संजीव कुमार और माता आशा कुमारी ने बेटी की इस उपलब्धि पर गर्व जताया है। वहीं, मुस्कान की इस उपलब्धि पर क्षेत्र के लोगों, शिक्षकों और सामाजिक संगठनों ने खुशी जाहिर की है। सभी ने उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई है कि वे आगे भी इसी तरह मंडी और हिमाचल प्रदेश का नाम रोशन करती रहेंगी।

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प्रेरणा बनी मुस्कान चौहान

उनका कहना है कि मुस्कान चौहान की सफलता उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को साकार करने का हौसला रखते हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि दृढ़ संकल्प, सही मार्गदर्शन और निरंतर मेहनत से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।

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