कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश की सड़कों पर हुआ एक हादसा किसी एक परिवार तक सीमित नहीं रहा। बल्कि ये खबर पहाड़ों से निकलकर दूसरे राज्य तक पहुंची है। यहां ड्यूटी से जुड़े काम के सिलसिले में जिला कांगड़ा आए भारतीय सेना के एक जवान की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई, जिसने फिर एक बार पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा और यात्राओं के जोखिम पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
डमटाल में हुआ दर्दनाक हादसा
सेना में हवलदार पद पर तैनात राहुल भड़ाना का शनिवार को हिमाचल प्रदेश के डमटाल क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसे में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वे किसी कार्य से डमटाल आए थे, इसी दौरान दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उनकी जान चली गई। सेना की ओर से घटना की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक और सैन्य स्तर पर औपचारिकताएं पूरी की गईं।
यह भी पढ़ें : नशेड़ियों के निशाने पर हिमाचल के अस्पताल- सिरिंज चोरी के मामले में 10 अरेस्ट, बढ़ी निगरानी
आज मेरठ पहुंची देह
रविवार रात सेना के अधिकारी राहुल भड़ाना का पार्थिव शरीर मेरठ के मिलिट्री अस्पताल लेकर पहुंचे। सोमवार सुबह करीब 10 बजकर 50 मिनट पर पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भड़ौली पहुंचा। जैसे ही यह खबर गांव में फैली, माहौल गमगीन हो गया। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक संगठन और राजनीतिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
यह भी पढ़ें : मां चिंतपूर्णी ने पूरी की मुराद- भक्त ने दान किया 25 तोले सोने का मुकुट, 40 लाख है कीमत
सेना में 2016 से निभा रहे थे जिम्मेदारी
राहुल भड़ाना वर्ष 2016 में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती जम्मू-कश्मीर के अखनूर क्षेत्र में थी। सेना में रहते हुए उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। परिजनों के अनुसार राहुल कर्तव्यनिष्ठ और शांत स्वभाव के थे, जिनका सपना सेना में रहते हुए देश की सेवा करना था।
यह भी पढ़ें : चहेतों पर सुक्खू सरकार मेहरबान- रिटायर्ड अफसरों को फिर से नौकरी पर रखा,लाखों का खर्च
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राहुल भड़ाना तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे और उनकी चार बहनें हैं। उनका विवाह करीब साढ़े पांच साल पहले हुआ था। उनका एक साढ़े चार साल का बेटा दिव्यांश है, जो अब अपने पिता की छाया से हमेशा के लिए वंचित हो गया। पार्थिव शरीर गांव पहुंचते ही परिजनों की चीख-पुकार ने हर आंख नम कर दी।
