Thursday, July 18, 2024
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तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे का मामला लटका, हाईकोर्ट ने नहीं सुनाया फैसला

शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा के तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे का मामला एक बार फिर से लटकता हुआ नजर आ रहा है। इस मामले की आज यानी बुधवार को हिमाचल हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें खंडपीठ के दोनों जजों की राय अलग अलग रही। जिससे इस मामले पर कोई फैसला नहीं हुआ। अब मामले के निवारण के लिए तीसरे जज की राय ली जाएगी, उसके आधार पर ही इस मामले पर फैसला सुनाया जाएगा।

दोनों जजों की अलग-अलग राय

हाईकोर्ट के एडवोकेट जनरल अनूप रत्न से प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार को इस मामले की हुई सुनवाई में दोनों जजों के बीच अलग-अलग विचार हैं। विधायकों के इस्तीफे को लेकर मुख्य न्यायाधीश राम चंद्र राव का मत है कि स्पीकर के संविधानिक पद होने के कारण हाई कोर्ट का स्पीकर को निर्देश देना उचित नहीं है।

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निर्दलीय विधायकों का इस्तीफा स्वीकार करना विधानसभा अध्यक्ष के क्षेत्र अधिकारी में है। जबकि, न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ का मत है कि हाइकोर्ट स्पीकर को एक तय समय में फैसला सुनाने के लिए निर्देश दे सकता है।

ऐसे होगा मामले का निपटारा

दोनों जजों में निर्णय को लेकर मतभेद होने के कारण अब इस मामले का निवारण तीसरे जज की राय पर निर्भर करेगा। तीसरे जज की राय के आधार पर ही तय किया जाएगा कि मामले में हाईकोर्ट विधानसभा स्पीकर को जल्द निर्णय लेने के निर्देश दे सकता है या नहीं, इससे पहले भी एडवोकेट जनरल अनूप रत्न ने तीनों निर्दलीय विधायकों का इस्तीफा हाईकोर्ट से स्वीकार किए जाने की प्रार्थना की थी।

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जिसको लेकर हाईकोर्ट की डिवीजनल बैंच में किसी प्रकार का मतभेद नहीं था। बैंच ने अपने फैसले में कहा था कि इस बात का फैसला करने का अधिकार केवल स्पीकर के पास है, हाई कोर्ट इस बारे में कुछ नहीं कर सकता।

विवाद का संक्षिप्त इतिहास

मामला ये है कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा में तीनों निर्दलीय विधायकों देहरा से निर्दलीय विधायक होशियार सिंह, नालागढ़ से निर्दलीय विधायक केएल ठाकुर और हमीरपुर से निर्दलीय विधायक आशीष शर्मा द्वारा राज्यसभा चुनावों में भाजपा प्रत्याशी को वोट देने के बाद 22 मार्च को विधानसभा अध्यक्ष, सचिव और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को अपने इस्तीफे सौंप दिए थे। किन्तु विधानसभा स्पीकर ने इन विधायकों के इस्तीफे स्वीकार नहीं किए थे। जिस पर इन निर्दलीय विधायकों ने हिमाचल हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

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तीनों निर्दलीय विधायकों ने हाईकोर्ट से गुहार लगाई थी कि चूंकि स्पीकर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं कर रहे, ऐसे में अदालत ही उनका त्यागपत्र मंजूर कर ले। इसी पॉइंट पर सुनवाई मुख्य रूप से हो रही थी।

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